
Oncobox
हर मरीज़ के लिए सही कैंसर दवा खोजना।
कंपनी के बारे में
Oncobox का मानना है कि आख़िरी चरण के कैंसर के कई मरीज़ समय से पहले इसलिए दम तोड़ देते हैं क्योंकि डॉक्टरों के पास ऐसा डेटा-आधारित टूल नहीं है जो बताए कि बाज़ार में मौजूद कौन-सी दवा किसी मरीज़ के ख़ास कैंसर पर सबसे असरदार होगी। यहीं Oncobox काम आता है। यह कम लागत वाली निजी जेनेटिक प्रोफ़ाइलिंग है, जो डॉक्टरों को दवा चुनने में मदद करती है। यूरोप और एशिया के प्रमुख कैंसर शोधकर्ताओं ने हाल में अलग-अलग तरह के आख़िरी चरण के कैंसर वाले 900 मरीज़ों पर अध्ययन किया, जिसमें Oncobox ने टारगेटेड थेरेपी की प्रभावशीलता 25% से बढ़ाकर 64% कर दी।
Oncobox काम कैसे करता है? बाज़ार में इस समय 150 से ज़्यादा टारगेटेड कैंसर दवाएँ हैं। पर आख़िरी चरण के मरीज़ को इनमें से कौन-सी दी जाए, यह तय करना आसान नहीं। कैंसर डॉक्टर घड़ी की सुइयों से होड़ में होते हैं और हमेशा नहीं जानते कि कौन-सी दवा सबसे कारगर होगी। ये दवाएँ महँगी हैं और आम तौर पर इनके गंभीर साइड इफ़ेक्ट होते हैं, इसलिए सब आज़माकर देखना मुमकिन नहीं। इन्हीं बाधाओं के कारण टारगेटेड कैंसर थेरेपी सिर्फ़ 25% मामलों में असर करती है, और आख़िरी चरण के कैंसर वाले 70% मरीज़ बेअसर दवाओं के ज़हरीले साइड इफ़ेक्ट से जान गँवाते हैं।
Oncobox Dx एल्गोरिद्म की मदद से ट्यूमर के DNA, RNA और मॉलिक्यूलर पाथवे का विश्लेषण करता है, ताकि पता चले कि किसी ख़ास मामले में कौन-से मॉलिक्यूलर टारगेट सबसे अहम हैं। डॉक्टरों को क्लिनिकल रूप से इस्तेमाल लायक़ रिपोर्ट मिलती है, जो बताती है कि मरीज़ पर कौन-सी दवाएँ सबसे ज़्यादा असर कर सकती हैं।
हम फ़ार्मा कंपनियों, अस्पतालों/चिकित्सकों, पेयर्स और जीनोमिक केंद्रों से साझेदारी चाहते हैं। बेझिझक [email protected] पर संपर्क करें।
हमारी टीम और वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड में UCLA, Stanford, Johns Hopkins University, Boston University, Tufts University और Rutgers University के अग्रणी वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल हैं।
विषय
- लोकेशन
- Walnut, CA, अमेरिका
- टीम का आकार
- 11 कर्मचारी
- YC बैच
- Summer 2017
- स्थिति
- सक्रिय
- स्टेज
- अर्ली स्टेज





