
Well Principled
ऑटोनॉमस रोबोट्स के लिए न्यूरल इंजन
कंपनी के बारे में
हम AI ऐसे “नॉलेज वर्क” की जगह लेने के लिए नहीं बना रहे, जिसमें न ज्ञान लगता है न मेहनत, बल्कि काम करने वाले इंसानी दिमाग़ को ताक़त देने के लिए बना रहे हैं, जो समृद्धि की नई राहें खोजने में कभी नाकाम नहीं हुआ।
अपनी तमाम कामयाबी के बावजूद, AI के मुख्यधारा वाले तरीक़ों की कुछ बुनियादी सीमाएं हैं, जो उन्हें कई अहम तरह की समस्याएं हल करने से रोकती हैं। इन सीमाओं को तोड़ने के लिए हम बुनियादी सिद्धांतों से एक नया AI आर्किटेक्चर बना रहे हैं।
मौजूदा व्यवस्था सुपरवाइज़्ड, ब्रूट-फ़ोर्स प्रीट्रेनिंग के ढर्रे में जड़ हो चुकी है। ये सिस्टम लगातार सीखने, लक्ष्य खोजने, नई योजना बनाने और नया ज्ञान रचने जैसे बुनियादी हुनर न तो संभालते हैं, न संभाल सकते हैं।
ये सीमाएं मामूली नहीं हैं। हमारे देश की समृद्धि सीधे इन सीमाओं से पार पाने पर टिकी है, क्योंकि यही बुनियादी हुनर कुशल पेशों की नींव हैं। इलेक्ट्रीशियन से लेकर मशीनिस्ट और नर्स तक, इन सभी क्षेत्रों में प्रशिक्षु “कुशल तात्कालिकता” सीखते हैं, जहां हर समाधान नया होता है और लक्ष्य भी ख़ुद खोजना पड़ता है। समृद्धि के लिए ठीक वही क्षमताएं चाहिए, जिनमें मौजूदा AI ढांचागत रूप से कमज़ोर है।
इससे भी बुरा यह कि ये सीमाएं ज़्यादा कंप्यूट या ट्रेनिंग डेटा से दूर नहीं होंगी। ये सुपरवाइज़्ड लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, ट्रांसफ़ॉर्मर, बैकप्रॉप और ग्रेडिएंट डिसेंट जैसी बुनियादी तकनीकों के अटल नतीजे हैं। आगे बढ़ने के लिए इनसे आज़ाद होना ज़रूरी है।
हम उस सिस्टम को रिवर्स-इंजीनियर करके नया AI आर्किटेक्चर बना रहे हैं, जो हमें यहां तक लाया: इंसानी दिमाग़। न्यूरोसाइंस, कॉग्निटिव साइंस और दिमाग़ के क्रमिक विकास को आपस में जोड़कर हमने दिमाग़ के वे एल्गोरिदम पहचाने हैं, जिनसे वह (a) लगातार दुनिया का एक कारण-आधारित मॉडल सीखता है (b) ऐसे लक्ष्य चुनता है जिन्हें हासिल भी करे और जिनसे और ज़्यादा हासिल करना सीखे (c) नए लक्ष्यों तक पहुंचने की योजना बनाता है, और (d) रचनात्मक ढंग से नया ज्ञान पैदा करता है।
कुशल पेशों को ताक़त देने के लिए सूझबूझ भरी इंटेलिजेंस बनाने में हमारा साथ दीजिए।
विषय
- टीम का आकार
- 3 कर्मचारी
- YC बैच
- Summer 2019
- स्थिति
- सक्रिय
- स्टेज
- अर्ली स्टेज





